Wednesday, November 7, 2018

भाजपा और कांग्रेस के 80% प्रत्याशी तय, लेकिन 14 सीटें दोनों

भाजपा-कांग्रेस के करीब 80 फीसदी प्रत्याशी तय हो चुके हैं। जो बचे हैं, उनके लिए माथापच्ची चल रही है। इन सबके बीच बड़े-बड़े नेता बगावत पर उतर आए हैं या फिर बड़े नेताओं के लिए उनके समर्थक पार्टी के खिलाफ हो गए हैं। भोपाल की गोविंदपुरा और मध्य, सिवनी मालवा, शमशाबाद और सिरोंज सीटों पर प्रत्याशी तय करने में दोनों दलों को मुश्किल हो रही है। 

मंगलवार को कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व राज्य मंत्री प्रताप सिंह उइके ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सपा की सदस्यता लेकर 9 नवंबर को नामांकन भरने का ऐलान किया। उधर, घोड़ाडोंगरी से टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा नेता गंगा उइके ने इस्तीफा देने की धमकी दी। उनका कहना है यदि पार्टी ने उन्हें तवज्जो नहीं दी तो वह भाजपा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव में उतरेंगी।

सीटें, जहां कई बड़े बागी हुए
गोविंदपुरा
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और उनकी बहू कृष्णा गौर के कारण यहां पेंच फंसा हुआ है। दोनों ने नामांकन फॉर्म खरीद कर भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। इस सीट का फैसला दिल्ली से होगा।

गोविंदपुरा भाजपा की परंपरागत सीट है। यदि 'गौर के अलावा कोई और' पर भी निर्णय हुआ तो भी भाजपा के जीतने की संभावना है। इधर, कांग्रेस भी दोनों गौर से संपर्क में है। हालांकि बाबूलाल का कहना है कि बाद में बात करूंगा। जो भगवान की मर्जी होगी, वही होगा।

भोपाल मध्य
कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ मसूद का विरोध। मंगलवार को दो अन्य दावेदारों सैयद साजिद अली और नासिर इस्लाम के समर्थकों ने वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनके पोस्टर पर कालिख पोती। टिकट बेचने का अारोप भी लगाया।

मसूद को टिकट दिलाने में पचौरी की भूमिका सामने आई है, जबकि अन्य सभी वरिष्ठ नेता इसके विरोध में थे। साजिद कहते हैं कि गुरुवार को अपना नामांकन जमा करूंगा। नासिर का कहना है कि मैं पार्टी के खिलाफ नहीं जाऊंगा। इस सीट पर भाजपा नेता ध्रुव नारायण सिंह भी पार्टी की दिक्कत बढ़ा सकते हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने समर्थकों के साथ चर्चा की है। 

शमशाबाद
विदिशा जिले की इस सीट पर मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा के चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद पूर्व वित्त मंत्री राघवजी की बेटी ज्योति शाह, पूर्व विधायक रुद्रप्रताप सिंह और उनकी पत्नी दावेदार हैं। राघवजी 8 नवंबर को विदिशा में शमशाबाद के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय लड़ने का रास्ता खुला है। फॉर्म तो भरेंगे।

सिरोंज
कांग्रेस प्रत्याशी अशोक त्यागी का विरोध। वर्तमान विधायक गोवर्द्धन उपाध्याय ने बेटे के लिए टिकट मांगा था। यहां पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक यादव भी फॉर्म खरीद रहे हैं। यादव और मुस्लिम मतदाता ज्यादा हैं, इसलिए नतीजों पर असर पड़ेगा। उपाध्याय कहते हैं कि जैसे-तैसे भाजपा की सीट को कांग्रेस ने जीता था। यादव अच्छे उम्मीदवार हो सकते थे।

सिवनी मालवा
होशंगाबाद की इस सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह टिकट कटने से नाराज हैं। उनके स्थान पर अभी फैसला नहीं हो पाया है। यहां से नर्मदा हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजेश शर्मा चर्चा में हैं। उन्होने सिंह से मिलकर आशीर्वाद भी लिया। कभी कांग्रेस के दिग्गज हजारीलाल रघुवंशी की इस सीट को सरताज ने भाजपा के लिए तैयार किया था। पर वे टिकट की दौड़ से बाहर हैं। सिंह कहते हैं कि टिकट पर बात नहीं करूंगा। आप से प्रत्याशी राजश्री भी भाजपा की परेशानी बढ़ाएंगी।

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